संपादकीय

संपादकीय: किसान सलाह—सम्मान के साथ

Vinod Naraniwal September 12, 2026

खरीफ सलाह तब काम आए जब किसान की बात भी सुनी जाए। मंडी पारदर्शिता और सिंचाई सà ...

संपादकीय: स्वच्छता आदत बनाम अभियान

Vinod Naraniwal September 15, 2026

कलेक्टर ड्राइव सराहनीय है, पर कल फिर गंदगी हो तो अर्थहीन। घर-दुकान-स्कूल तीठ...

संपादकीय: भारत-अमेरिका व्यापार सावधानी

Vinod Naraniwal September 10, 2026

महाशक्ति संवाद में भारत आत्मविश्वास रखे, पर निर्यातक सावधानी न छोड़ें। भीठ...

संपादकीय: एफसीआरए पारदर्शिता

Vinod Naraniwal September 11, 2026

पारदर्शिता सामाजिक कार्य की आत्मा है। जाँच हो, पर पूर्वाग्रह न हो। अदालत फै ...

संपादकीय: प्लेटफॉर्म जिम्मेदारी

Vinod Naraniwal September 12, 2026

आजादी अभिव्यक्ति की है, अपराध की नहीं। प्लेटफॉर्म को तेज और स्पष्ट कार्रवाà ...

संपादकीय: खेल का व्यावसायीकरण

Vinod Naraniwal September 13, 2026

करोड़ों के ब्रांड सौदे शानदार हैं, पर जिला नेट टूटे रहें तो विकास अधूरा है। à ...

संपादकीय: निकायों में महिला नेतृत्व

Vinod Naraniwal September 14, 2026

पहली महिला मेयर की संभावना प्रतीक है, पर परीक्षा सेवा से होगी। प्रतीक से आगॠ...

संपादकीय: नागरिक कर्तव्य व वार्ड स्वामित्व

Vinod Naraniwal September 15, 2026

नया निगम आए या पुराना—कचरा घर के बाहर न फेंकना नागरिक कर्तव्य है। स्वेच्छा ...

संपादकीय: डिजिटल भुगतान की नैतिकता

Vinod Naraniwal September 16, 2026

डिजिटल सुविधा तभी सफल होती है जब विश्वास बचे। एमडीआर लागत छुपाकर ग्राहक से ...

संपादकीय: स्थानीय पत्रकारिता की जिम्मेदारी

Vinod Naraniwal September 17, 2026

भीलवाड़ा जैसे शहर में खबर की पहली परीक्षा गली की सच्चाई है। मोबाइल पर शोर बठ...

संपादकीय: डिजिटल भुगतान, स्थानीय लोकतंत्र और अखबार की जिम्मेदारी

विनोद नरनिवाल September 17, 2026

डिजिटल भुगतान की रफ्तार और स्थानीय लोकतंत्र की जड़ें—दोनों आज एक ही सवाल पà ...