भीलवाड़ा ग्रामीण क्षेत्र। कांजी खेड़ा करड़ा में सर्पदंश की दर्दनाक घटना में दो वर्षीय भावना और पाँच वर्षीय कृष्णा की मृत्यु से पूरा इलाका स्तब्ध है। भीलवाड़ा केसरी सम्मान और संयम के साथ लिख रहा है—उत्तेजक विवरण के बिना।
परिवार के प्रति गहरी संवेदना। ऐसी आपात स्थिति में तुरंत सरकारी अस्पताल पहुँचना चाहिए, एंटी-स्नेक वेनम इकाई की पहचान पहले से रखें और घरेलू नुस्खे आजमाने से बचें। समय बर्बादी जोखिम बढ़ाती है।
मानसून और उसके बाद के दिनों में जूते व टॉर्च का उपयोग अपनाएँ। बच्चों को रात्रि में खुले में घूमने से रोकें। अफवाह न फैलाएँ। ग्रामीण जागरूकता और एम्बुलेंस पहुँच मजबूत करना भविष्य की त्रासदियाँ घटाने का रास्ता है।
स्वास्थ्य टीमें सावधानियाँ प्रसारित कर रही हैं। सही चिकित्सा मार्ग अपनाना ही सबसे ठोस बचाव है।
क्षेत्रवासियों से अपील है कि शोक संतप्त परिवार के साथ गरिमा बनाए रखें और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क