भीलवाड़ा व्यापारी: यूपीआई एमडीआर लागत चिंता

भीलवाड़ा व्यापारी: यूपीआई एमडीआर लागत चिंता

Vinod Naraniwal September 17, 2026

भीलवाड़ा। पंद्रह अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक पीटूएम पर शून्य दशमलव चार प्रतिशत एमडीआर—अधिकतम तीन सौ रुपये—की चर्चा ने कपड़ा और किराना व्यापारियों में लागत चिंता बढ़ाई है। राजस्थान संगठनों—एफओआरटीआई के सुरेश अग्रवाल और सीएआईटी के हेमंत प्रभाकर—की चिंता लागत आगे बढ़ाने या नकद की ओर लौटने को लेकर रिपोर्टिंग में आई।

भाजपा नेता मदन राठौड़ और जफर इस्लाम जैसे स्वरों ने कहा कि लगभग छियानवे प्रतिशत पीटूएम प्रभावित नहीं होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आलोचना का रुख लिया। छोटे व्यापारी एक लाख रुपये मासिक तक यूपीआई छूट की सीमा गणना पर स्पष्टता माँगते हैं।

व्यापारियों को सलाह है कि ग्राहक से अलग शुल्क न लें, लागत गणना और खाता समाधान अभी से शुरू करें तथा बैंक से अपनी श्रेणी व छूट की पुष्टि करवा लें। रसीद में पारदर्शिता रखने से विवाद घटते हैं।

आधिकारिक अधिसूचना ही अंतिम आधार है। अफवाह चार्ट बाजार में तनाव बढ़ाते हैं; उन्हें आगे न बढ़ाएँ। पंद्रह अक्टूबर से पहले स्थानीय जागरूकता शिविर उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

भीलवाड़ा केसरी जागरूकता का पक्षधर है, भय और अटकलबाजी का नहीं। टेक्सटाइल सिटी के बाजार को स्पष्ट नियमों की सरल भाषा में जरूरत है।

— भीलवाड़ा केसरी डेस्क