भीलवाड़ा। नगर निगम चुनाव के परिणामों में भाजपा को सत्तर वार्डों में से पैंतालीस सीटें मिली हैं, पर कई चर्चित चेहरे मैदान से बाहर हो गए। मतदाताओं ने केवल पुरानी पहचान नहीं, बल्कि उम्मीदवार की पहुँच और शिकायत निवारण क्षमता को भी तौला—यह रुझान वार्डवार नतीजों से साफ झलकता है।
वार्ड पैंतीस में भाजपा की खुशबू शुक्ला निर्दलीय उदय लाल के सामने पीछे रहीं। वार्ड बावन में कांग्रेस से जुड़े जीपी खटीक की पत्नी समदू देवी को भी हार का सामना करना पड़ा। छह बार जीत दर्ज कर चुकी मंजू पोखरणा वार्ड छब्बीस में शंकर लाल जाट के मुकाबले पीछे रहीं। ये नतीजे बताते हैं कि साख अकेली अब पर्याप्त नहीं रही।
सत्ता पक्ष ने बहुमत का दावा जताया है, जबकि विपक्ष का तर्क है कि बड़े नामों की हार जनभावना का संकेत है। निर्दलीय जीत वाले वार्ड मेयर चुनाव तक सुर्खियों में रह सकते हैं, क्योंकि अप्रत्यक्ष मतदान में हर पार्षद की भूमिका निर्णायक हो जाती है।
व्यापारियों ने स्थिर प्रशासन और बाजार व्यवस्था की माँग दोहराई है। महिला संगठनों ने संतुलित बहस और सेवा आधारित नेतृत्व की अपील की। प्रशासन ने शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है।
आगे मेयर चुनाव और समिति गठन अंकगणित की परीक्षा होंगे। नागरिकों का कहना है कि वादों की असली परीक्षा अब रोजमर्रा के काम—सड़क, जल निकासी, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट—से शुरू होगी।
भीलवाड़ा केसरी पाठकों से अनुरोध करता है कि अधूरे चार्ट और सोशल मीडिया अटकलों को प्रमाण न मानें। आधिकारिक परिणाम और आगामी तिथियाँ ही निर्णायक आधार रहेंगी।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क