नई दिल्ली। प्रसारण अधिकार के बाद डिजिटल जुड़ाव क्रिकेट की दूसरी बड़ी कड़ी बन चुका है। तकनीक ब्रांड साझेदारी प्रशंसक कंटेंट को नया रूप दे सकती है, पर गोपनीयता और गलत सूचना से बचाव जरूरी है।
अभिभावकों को बच्चों का स्क्रीन समय नियंत्रित रखने की सलाह है। स्थानीय क्लब अपने स्कोर ऐप और सोशल मीडिया को जिम्मेदारी से चलाएँ।
अफवाह मैच को नहीं, विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाती है। आधिकारिक ऐप से शिड्यूल लें; अनौपचारिक ग्रुप संदेश अंतिम सत्य नहीं।
डिजिटल युग में भी मैदान की सच्चाई सबसे बड़ी खबर रहती है। भीलवाड़ा के प्रशंसक समुदाय को सत्यापित स्रोत अपनाना चाहिए।
भीलवाड़ा केसरी आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देकर फैन गाइड प्रकाशित करता रहेगा।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क