जयपुर। नगर निगम चुनाव में भाजपा को करीब अठहत्तर वार्डों में बढ़त या बहुमत की चर्चा रही। कुछ रिपोर्टों में कांग्रेस के कुल मत की तुलना भी आई, पर सदन का नीति-निर्धारण सीट समीकरण से तय होता है—इसी को डेस्क प्राथमिक मानता है।
पुनर्मतदान वाले वार्डों में कांग्रेस छह और भाजपा तीन के रुझान का जिक्र रहा। विपक्ष इससे मनोबल का दावा कर सकता है, पर कुल तस्वीर बड़े आँकड़ों से ही बनती है।
नागरिक संगठनों ने बड़ी चौपड़ से बाहरी वार्डों तक समान सेवा की माँग की है। मेयर चुनाव की समय-सीमा पच्चीस सितंबर के आसपास चर्चा में रही; अंतिम तिथि आधिकारिक होगी।
जयपुर के संकेत अन्य निगमों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। भीलवाड़ा समेत राजस्थान के शहरी निकायों में गठजोड़ की भाषा इन्हीं रुझानों से जुड़ती है।
आधिकारिक चार्ट देखें और अटकलों से बचें। भीलवाड़ा केसरी सत्यापित आँकड़ों पर आधारित रिपोर्टिंग जारी रखेगा।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क