नया निगम आए या पुराना—कचरा घर के बाहर न फेंकना नागरिक कर्तव्य है। स्वेच्छा अभियान से अधिक रोज की आदत नगर बचाती है।
शिकायत ऐप का सही उपयोग लोकतंत्र की छोटी ईंट है। झूठी शिकायत उतनी ही हानिकारक है जितनी चुप्पी। वार्ड स्वामित्व का मतलब केवल पार्षद पर ठीकरा फोड़ना नहीं।
साझा जिम्मेदारी निभानी होगी—घर, दुकान और गली तीनों स्तर पर। नाले में प्लास्टिक न डालना छोटी आदत है, बड़ा फर्क करती है।
केसरी सहयोग का आह्वान करता है। शहर तस्वीर से नहीं, आदत से चमकता है।
अगली पीढ़ी वही नगर पाएगी जो हम रोज छोड़ते हैं—साफ या गंदा। चुनाव के बाद भी यही कसौटी रहेगी।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क
विनोद नरनिवाल
संपादक, भीलवाड़ा केसरी