आजादी अभिव्यक्ति की है, अपराध की नहीं। प्लेटफॉर्म को तेज और स्पष्ट कार्रवाई तंत्र चाहिए।
अभिभावक निगरानी तकनीक से बड़ी ढाल है। कानून स्पष्ट हों, मनमानी न हो—दोनों शर्तें साथ चलें।
केसरी बाल सुरक्षा सर्वोपरि रखता है। अफवाह नीति को विकृत न करे। स्कूल और परिवार डिजिटल साक्षरता बढ़ाएँ।
चुप्पी बच्चों को असुरक्षित छोड़ती है। रिपोर्टिंग बटन का उपयोग सिखाना आज की जरूरत है।
जिम्मेदार इंटरनेट ही स्वतंत्र इंटरनेट को बचाता है—यह संदेश घर से शुरू होता है।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क
विनोद नरनिवाल
संपादक, भीलवाड़ा केसरी