कलेक्टर ड्राइव सराहनीय है, पर कल फिर गंदगी हो तो अर्थहीन। घर-दुकान-स्कूल तीनों अनुशासन बिना नगर नहीं चमकता।
नया सदन बजट में स्वीपिंग और नाला सफाई प्राथमिकता रखे। फोटो सेशन से अधिक नियमित उठान चाहिए।
केसरी आदत का पक्षधर है, दिखावे का नहीं। नागरिक सहयोग के बिना कोई अभियान अधूरा रह जाता है।
प्लास्टिक नाले में न डालें—इतनी छोटी आदत बड़ा फर्क करती है। वार्डवार निगरानी जारी रहनी चाहिए।
स्वच्छ शहर नारा नहीं, रोज का दोहराव है। भीलवाड़ा की परीक्षा यहीं है।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क
विनोद नरनिवाल
संपादक, भीलवाड़ा केसरी