संपादकीय: निकायों में महिला नेतृत्व

संपादकीय: निकायों में महिला नेतृत्व

Vinod Naraniwal September 14, 2026

पहली महिला मेयर की संभावना प्रतीक है, पर परीक्षा सेवा से होगी। प्रतीक से आगे काम चाहिए—सड़क, सुरक्षा, स्वच्छता।

टिकट कटौती के दर्द को संगठन संवेदनशीलता से सुनें। असंतोष दबाने से नहीं, संवाद से सुधरता है।

महिला सुरक्षा और स्ट्रीट लाइट एजेंडा बिना नेतृत्व अधूरा है। समान अवसर नारा नहीं, बजट और समयसारिणी है।

केसरी समान अवसर का समर्थन करता है। नेतृत्व का लिंग नहीं, परिणाम मायने रखता है।

शहर तब आगे बढ़ेगा जब आधी आबादी फैसले की मेज पर सुरक्षित और सम्मानित हो।

— भीलवाड़ा केसरी डेस्क

विनोद नरनिवाल
संपादक, भीलवाड़ा केसरी