भीलवाड़ा। पंद्रह अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक के पीटूएम लेनदेन पर यूपीआई एमडीआर शून्य दशमलव चार प्रतिशत—अधिकतम तीन सौ रुपये—लागू होने की चर्चा तेज है। ईंधन, रेल, बीमा और कृषि श्रेणी में फ्लैट पाँच रुपये तथा एक लाख रुपये मासिक तक यूपीआई वाले छोटे व्यापारियों की छूट का उल्लेख सार्वजनिक नीति संवाद में रहा। पीटूपी निःशुल्क रखने का संदेश भी दोहराया गया।
राजस्थान के व्यापार संगठनों ने लागत आगे बढ़ाने या नकद की ओर लौटने की चिंता जताई है। सत्ता पक्ष के स्वरों ने कहा कि लगभग छियानवे प्रतिशत पीटूएम प्रभावित नहीं होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आलोचना का रुख लिया। भीलवाड़ा के कपड़ा और किराना दुकानदारों को सलाह है कि लागत गणना अभी से शुरू करें।
ग्राहक से अलग से एमडीआर वसूलना नियमों के विरुद्ध माना जा सकता है। शिकायत होने पर उपभोक्ता मंच या हेल्पलाइन का सहारा लें। प्रभाव मुख्यतः व्यापारी और एग्रीगेटर श्रृंखला पर पड़ता है।
अंतिम आधार आधिकारिक अधिसूचना ही है। अफवाह चार्ट न फैलाएँ। बैंक संबंध अधिकारी से श्रेणी और छूट स्पष्ट करवा लें।
भीलवाड़ा केसरी जागरूकता का पक्षधर है, भय फैलाने का नहीं। पंद्रह अक्टूबर से पहले स्थानीय प्रशिक्षण शिविर उपयोगी साबित हो सकते हैं।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क