भीलवाड़ा। वैश्विक टैरिफ चर्चा के बीच टेक्सटाइल निर्यातकों को अनुबंध खंड और हेजिंग औजार तौलने चाहिए। बैंक ट्रेड डेस्क से बात करना बुनियादी कदम है।
एकल बाजार निर्भरता घटाएँ और गुणवत्ता प्रमाण अद्यतन रखें। अफवाह पर शिपमेंट न रोकें; आधिकारिक सलाह लें।
उद्योग मंडल वर्कशॉप आयोजित करे ताकि छोटे निर्यातक पीछे न छूटें। सावधानी भय नहीं, तैयारी है।
योजना बी रखना व्यावसायिक समझदारी है। भीलवाड़ा की निर्यात श्रृंखला के लिए संयम और विविधीकरण दोनों जरूरी हैं।
भीलवाड़ा केसरी स्थानीय उद्योग हित में तथ्यात्मक संकेत देता रहेगा।
— भीलवाड़ा केसरी डेस्क